जीने की राह

जिन सपनों में जीना चाहीवे सपने बिखर गएदिल के अरमान अबआंसू बन बह गए। राह कौन सा अपनाऊं?यह सोचकर थक गई।दुनिया की भीड़ देखजीने की राह मिल गई।